वाराणसी। गुरुधाम मंदिर परिसर गुरूधाम कालोनी, भेलूपुर में बुधवार को संस्कृति विभाग, उ०प्र०, बौद्धायन सोसाइटी व अभ्युदय अन्तर्राष्ट्रीय संस्था के संयुक्त तत्वावधान में भारत पर्यटन के सहयोग से विश्व धरोहर सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित कवयित्री सम्मेलन कार्यक्रम में देश विदेश से आई कवयित्रियों ने अपनी रचनाओ का रंग बिखेरा।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया । संस्था के अध्यक्ष पं० हरिराम द्विवेदी ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा डॉ० मंजरी पाण्डेय व क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ सुभाष चन्द्र यादव ने अतिथि कवयित्रियों को दुपट्टा, लकी पौधा देकर पर्यावरण संरक्षण संदेश के साथ सम्मानित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो० सरोज चूड़ामणि ने कविताओं को अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताते हुए कवयित्रियों को समसामयिक, धारदार लेखन के लिये कटिबद्ध होने की अपील की
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ० मुक्ता ने बताया कि कविता कथा कहानी तथा साहित्य से व्यक्ति का संस्कार होता है। विशेषकर महिलाओं में जो कविता का संस्कार बन रहा है उससे घर समाज संस्कारित होंगे। दस वर्षों से अनवरत गतिमान कवयित्री सम्मेलन की प्रशंसा करते हुए इसे साहित्य की प्रयोगशाला कहा ।

विशिष्ट अतिथि वक्ताओं में आचार्यकुल हिन्दी यूनिवर्स पांच , नीदरलैंड तथा लेखन के बल पर देश विदेश में अपना मुकाम हासिल करने वाली डॉ० पुष्पिता अवस्थी ने अपने विचारों, रचनाओं से नारी पक्ष लिया। बेंगलोर से पधारी अभ्युदय अन्तर्राष्ट्रीय संस्था की अध्यक्ष डाॅ० इन्दु झुनझुनवाला ने बताया कि अमृत महोत्सव के अन्तर्गत मना रहे इस कवयित्री सम्मेलन का उद्देश्य नारी को सोचने समझने और उसे लेखन में उतारने का अवसर प्रदान करना है ।

डाॅ० रचना अग्रवाल – प्रभारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ने सशक्त नारी पर अपनी रचनाए प्रस्तुत की तथा सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। बेंगलोर से आई डॉ० उषा तथा दिल्ली से पधारी सुमन द्विवेदी ने भी अपनी अपनी रचनाओं के माध्यम से अपनी बात रखी। दोहों से रसधार बहाने वाली कंचनलता चतुर्वेदी सहित श्वेता राय कनक ,सुषमा जौनपुरी मंजरी तिवारी, करुणा सिंह , संध्या श्रीवास्तव , झरना मुखर्जी डाॅ० रेशमा खातून , श्रुति गुप्ता डाॅ० रचना शर्मा, डाॅ० नसीमा निशा, प्रज्ञा श्रीवास्तव, डाॅ० सविता सौरभ, डाॅ० संगीता श्रीवास्तव, मनी बेन, अनुराधा बैनर्जी सहित पच्चीसों कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।

कहीं बेटी की, घर समाज की, देश दुनिया की बातें रखीं गई तो दूसरी ओर गीत गजलों की बहार रही। इस अवसर पर कविता सुनने के लिये विशेष रूप से प्रख्यात उपशास्त्रीय गायिका सोमा घोष की उपस्थिति रही। उनके हाथों सभी को सम्मान पत्र प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डाॅ० सुभाष चन्द्र यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन वाराणसी की वरिष्ठ कवयित्री डाॅ० मञ्जरी पांडेय ने किया।
इस अवसर पर अभ्युदय संस्था की ओर से अध्यक्ष डाॅ० इन्दु झुनझुनवाला ने अन्य पदाधिकारियों के साथ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० मुक्ता अभ्युदय उत्तर प्रदेश शाखा की अध्यक्ष मञ्जरी पाण्डेय, उपाध्यक्ष रचना शर्मा एवं सचिव संगीता श्रीवास्तव को सम्मानित भी किया।

अनुशासन बनाए रखने के लिये काव्यपाठ की तय समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के लिये नवल किशोर गुप्त संस्था के HV मीडिया प्रभारी ने भी योगदान दिया किया।
इस अवसर पर पद्मश्री सोमा घोष, यश भारती, विष्णु यादव, राजेश गौतम, रामानंद तिवारी, अमित गुप्ता, प्रेमतन्मय, कमल किशोर राजपूत, अमर जी, अजय गुप्ता, रवि पोद्दार, अदिति गुलाटी, अनिल कुमार सिंह, नवल गुप्ता, हरेंद्र नारायण सिंह, आनन्द पाल, पंच बहादुर आदि बड़ी संख्या में कविता प्रेमी उपस्थित रहे।



