संस्कृति लाइव संवाददाता, डाला (सोनभद्र): स्थानीय डाला उत्तर प्रदेश राज्य सीमेंट निगम के पूर्व कर्मी पावनो के भूगतान को लेकर परेशान हैं। पूर्व कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डाला सेक्टर सी स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में दूसरी बैठक की गई। जिसमें चुर्क के पूर्व सीमेंट कर्मी भी शामिल रहें। इस दौरान पूर्व उत्तर प्रदेश सीमेन्ट निगम के पूर्व कर्मचारियों ने कहा कि मा.उच्चन्यायालय के आदेश पर 8 दिसम्बर 1999 को डाला,चुर्क,चुनार में स्थित राजकीय सीमेन्ट फैक्ट्री को बंद कर दिया था। इसके बाद भी सीमेन्ट प्रबंधन के आदेश पर सभी कर्मचारी पूर्व की भांति ही कार्य करते रहे।

31 जुलाई 2001 को शासकीय समापक अधिकारी ने सीमेन्ट फैक्ट्री को हैण्डओवर कर लिया। उस समय डाला, चुर्क, चुनार में लगभग पाँच हजार से अधिक कर्मचारी काम करते थे। जिसमें 28 सौ कर्मचारी डाला सीमेन्ट निगम में कार्यरत्त थे। कारखाना को बाईन्ड कर दिया गया। जिसके बाद कार्यरत्त समस्त सीमेन्ट कर्मीयों की सेवाए समाप्त कर दी गयी।अचानक सीमेन्ट निगम को बंद करने से सीमेन्ट कर्मीयों की स्थिति दिनोदिन दयनीय हो गयी। कई सीमेन्ट कर्मीयों ने आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या तक कर लिया। बहुत लोगों का दवा के अभाव में मौत हो गयी । बच्चों की शिक्षा दिशा बंद हो गयी । किसी प्रकार बचे हुए लोग परिवारों का यहा-वहा कामकर भरणपोषण करने में लगे हैं।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत 812 सीमेन्ट कर्मीयों को वेतन, पेंशन एवं शेष बचे कार्यावधि के तहत समायोजन किया गया है। यह सुविधा उन्ही सीमेन्ट कर्मीयों तक सीमित रह गया है। जिन्होने उच्चतम न्यायालय में वाद दाखिल किया था।अभी भी डाला सीमेन्ट निगम के दो हजार से अधिक सीमेन्ट कर्मी शेष बचे है, जो गरीबी व अनभिज्ञता के कारण न्यायालय में वाद दाखिल नहीं कर सके है। सबका साथ सबका विकास के तहत इन कर्मीयों को भी वेतन, पेंशन, समायोजन व ईपीएफ का लाभांश दिया जाय।

कुछ कर्मचारीयों ने उच्चम न्यायालय में वाद दाखिल किया था और निर्णय भी उनके पक्ष में आया। जिसे मुख्यसचिव उत्तर प्रदेश को प्रेषित भी किया गया। लेकिन यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि दावा समायोजित कर्मचारियों के समान नहीं है। जिससे लोग हताश व निराश हैं। बृहस्पतिवार को दूसरी बैठक में डाला पूर्व सीमेंट कर्मी का ग्यारह सदस्यों की कमेटी का गठन भी किया गया।

बैठक में चुर्क से आएं सूर्य बली सिंह स्वतंत्र श्रीवास्तव, रामबहादुर सिंह डाला पूर्व सीमेन्ट कर्मी सजावल पाठक, देवनाथ चन्द्रवंशी, हरिकिशोर सिंह,रामजी मालवीय बिनोद कुमार समीम खां हरिश्चंद्र सिंह घमंडी यादव,अशर्फी,अनील सिंह,केदारनाथ,सितला प्रसाद, शिवधारी, विजय मौर्य, संजयप्रसाद, रतन, रामजीत, हरिहर, कैलाश शर्मा,विनोद पाल, जगरनाथ, जय बहादुर यादव, लक्ष्मण कुशवाहा रामसागर, बिभुती नारायण शीतल श्याम सुन्दर शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।



