संस्कृति लाइव संवाददाता, सोनभद्र। हमारा देश भारत अपनी स्वतंत्रता का 75 वां वर्ष मना रहा है। अमृत महोत्सव अर्थात हमें प्राप्त हुई स्वतंत्रता हमारे लिए अमृत समान है । समय की रेत में ऐसे क्रांतिकारी और स्वतंत्रता के सेनानी जो गुमनाम रह गए । वह हर क्षेत्र ग्रामीण और शहरी भारत के दूरदराज क्षेत्रों से भी अपनी क्रांति की अलख जगा रहे थे, लेकिन कागज और लोगों की जुबान पर उन वीर योद्धाओं और सेनानियों के नाम आज गायब है जरूरत है कि स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों को उन सभी योद्धाओं और महापुरुषों से परिचित कराएं और स्वाधीनता और संघर्ष के योगदान का मूल्य और महत्व व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुंचाएं।

उपरोक्त विचार रविवार को केशव राम महाविद्यालय तेलगुड़वा सोनभद्र मे आयोजित अमृत महोत्सव आयोजन समिति सोनभद्र विभाग की बैठक में सोनभद्र जनपद के विभिन्न अंचलों से पधारे हुए वक्ताओं ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ 19 नवंबर रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिन से होगा और कार्यक्रम का समापन 16 दिसंबर (विजय दिवस) को होगा।

कार्यक्रम में तिरंगा यात्रा , भारत माता पूजन ,आरती और वंदे मातरम का गायन आदि कार्यक्रम शहरी ग्रामीण आयोजित होगा। और बस्ती के प्रत्येक स्तर पर बैठक में प्रबुद्धजनों, विद्यार्थियों ,विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया जनपद सोनभद्र के हर वर्ग हर क्षेत्र से आए लोगों ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने हेतु अपने सुझाव और विचार प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य मार्गदर्शन पुनीत लाल जी और दीप नारायण , कार्यक्रम का संचालन बृजेश सिंह ने किया और जनपद के पत्रकार एवं अमृत महोत्सव समिति के सदस्य विजय शंकर चतुर्वेदी, अनिल तिवारी ,गीतांजलि चौबे , अखिलेश द्विवेदी, मनोज सिंह आदि ने भी अपना-अपना विचार रखा।

बैठक में आदिवासी संस्कृति एवं इतिहास के अध्येता, अमृत महोत्सव समिति के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य दीपक कुमार केसरवानी, ज्ञानेंद्र शरण राय, विनोद चौबे, सहित जनपद के जनपद के ग्रामीण शहरी इलाकों से आए हुए प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

