संस्कृति लाइव संवाददाता, रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): विश्व हिंदी सेवा संस्थान प्रयागराज, इलाहाबाद द्वारा आयोजित 85 वी ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजन 30 अक्टूबर को किया गया था जिसमें जनपद सोनभद्र से राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत, साहित्यकार, किशोर बोर्ड न्यायालय सोनभद्र के सदस्य ओम प्रकाश त्रिपाठी ने विशिष्ट वक्ता रूप में अपने विचारों को रखा। ऑनलाइन संगोष्ठी में प्रतिभाग करने वाली सभी प्रतिभागियों को संस्था के सचिव डॉक्टर गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी द्वारा ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्रेषित किया गया।

ऑनलाइन गोष्ठी में वक्ताकृष्णश्रयी शाखा काव्य धारासूरदास विषय पर अपना विचार व्यक्त करते हुए सोनभद्र जनपद के राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत, साहित्यकार, किशोर बोर्ड न्यायालय सोनभद्र के सदस्य ओम प्रकाश त्रिपाठी ने विशिष्ट वक्ता के रूप में अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
-“वात्सल्य और श्रृंगार रस के शिरोमणि भक्त कवि सूरदास के पदों का परवर्ती हिंदी साहित्य पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। श्री कृष्ण का बाल एवं किशोर रूप ही इन कवियों को आकर्षित कर पाया है इसलिए इनके काव्यों में श्री कृष्ण के ऐश्वर्य की अपेक्षा माधुर्य की ही प्रधानता रही है। इस शाखा के लगभग सभी कवि गायक थे इसलिए कविता और संगीत का अद्भुत सुंदर समन्वय इनकी रचनाओं में मिलता है।


गीति काव्य की जो परंपरा जयदेव और विद्यापति ने पल्लवित की थी उसका चरम विकास इन कवियों द्वारा हुआ है। मानव की साधारण प्रेम लीलाओं को राधा कृष्ण के अलौकिक प्रेम लीला द्वारा व्यंजित कर उन्होंने जनमानस को रस में डुबो दिया आनंद की एक लहर देशभर में दौड़ गई। कृष्णाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि सूरदास नंददास मीराबाई हित हरिवंश हरिदास रसखान नरोत्तम दास आदि थे। रहीम ने भी इसी समय की धारा में अपने कविताओं और दोहों से लोक जीवन को प्रभावित किया है। कल्पना की ऊंची उड़ान भी सूरदास के पदों में थी–मैया हौं तो चंद्र खिलौना लैहों ——–“!

गोष्ठी में डॉo अश्विनी चौबे (बाल संसद प्रभारी) गाजियाबाद अनामिका श्रीवास्तव रायबरेली, पुष्पा श्रीवास्तव “शैली”( हिंदी सांसद) उत्तर प्रदेश प्रभारी, डॉ पूर्णिमा श्रीवास्तव (प्राचार्य प्रयागराज उत्तर प्रदेश) डॉ नूपुर मालवीय प्रयागराज, मुख्य अतिथि दीपिका सुतोदिया ” सखी” तमिलनाडु, डॉ अनीता पाटिल (असिस्टेंट प्रोफेसर) चेन्नई तमिलनाडु, रश्मि लहर लखनऊ, रूपाली चौधरी जलगांव महाराष्ट्र, अनीता श्रीवास्तव फैजाबाद उत्तर प्रदेश आदि विद्वानों ने अपनाअपना विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के बंदना, अतिथियों के स्वागत से हुआ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख अतिथियों का आभार डॉ मधु शंखधर प्रयागराज,संचालन डॉक्टर रश्मि चौबे ने किया।

