संस्कृति लाइव संवाददाता, रामनगर (वाराणसी): आज़ादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती के उपलक्ष्य में लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, क्षेत्रीय अभिलेखागार द्वारा लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर, वाराणसी में आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा का औपचारिक प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

परिचर्चा का प्रारंभ क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी एवं प्रभारी लाल बहादुर स्मृति भवन संग्रहालय राम नगर, वाराणसी के डॉo सुभाष चंद्र यादव के विषय स्थापना के उद्बोधन के साथ हुआ। परिचर्चा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉo श्याम बाबू पटेल, संयुक्त कुलसचिव, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन उनके द्वारा प्रस्तुत आदर्शों के आधार पर अनुकरणीय है।

आबकारी विभाग के विष्णु प्रताप सिंह ने सरदार पटेल को वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में परिभाषित किया। परिचर्चा के अगले चरण में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो ए गंगाधारण ने समकालीन नेताओं के सम्मुख सरदार पटेल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके द्वारा किये गए कामों को वस्तुनिष्ठ इतिहास की दृष्टि से प्रस्तुत किया।
परिचर्चा का संचालन डॉo सुजीत कुमार चौबे द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ हरेन्द्र नारायण सिंह ने किया।
इसी के साथ सरदार पटेल की जीवन यात्रा विषयक साप्ताहिक अभिलेख प्रदर्शनी का समापन हुआ।
कार्यक्रम के अगले चरण में सरदार पटेल की याद में दीपोत्सव का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राजेश कुमार, प्रशांत राय, श्वेतेश उपाध्याय, पंच बहादुर, मनोज कुमार, महेंद्र लाल, विनय, वीरेंद्र, गणेश प्रसाद, प्रदीप कुमार, श्रीकृष्ण, उमेश जैन आदि लोगों ने कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत तथा सम्पूर्ण कार्यक्रम का निर्देशन डॉo सुभाष चंद्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, वाराणसी के द्वारा किया गया एवम धन्यवाद ज्ञापन डॉo हरेन्द्र नारायण सिंह के द्वारा किया गया।
