विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुई अमृत महोत्सव की परिचयात्मक बैठक

• अमृत महोत्सव समिति की सूची जारी।

• राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अन्य सामाजिक संगठन की होगी सहभागिता।

हर्षवर्धन केसरवानी

रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): काशी प्रांत के अंतर्गत जनपद सोनभद्र के गांव-गांव तक अमृत महोत्सव का संदेश पहुंचा कर देशभक्ति का जज्बा जगाने की व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है। अमृत महोत्सव की तैयारी के अंतर्गत जनपद सोनभद्र के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अमृत महोत्सव की परिचयात्मक बैठक आयोजित किया गया।

संघ के विभाग प्रचारक प्रवेश ने अमृत महोत्सव के आयोजन एवं उद्देश्यों पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-” संपूर्ण समाज में देशभक्ति का भाव जगाना ही अमृत महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है। इसमें संपूर्ण समाज की सहभागिता जरूरी है। 19 नवंबर से 16 दिसंबर तक चलने वाले इस व्यापक अभियान में जनसभाएं, रथयात्रा, भारत माता पूजन, भारत माता की आरती तथा बड़े पैमाने पर जिले में वंदे मातरम के सामूहिक गान के कार्यक्रम होंगे। सोनभद्र जनपद के स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने पौरुष पराक्रम से देश को जिस तरह झकझोरने का काम किया है, अमृत महोत्सव में भी कार्यकर्ता उसी तरह देशभक्ति का भाव जागृत कराना होगा।

स्वतंत्रता संघर्ष के ऐसे पहलुओ को उजागर करना होगा जिन्हें राजनीतिक हितों के लिए जानबूझकर जनता से छिपाया गया। सच्चे इतिहास की जानकारी जनता को देनी होगी। 19 नवंबर को वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती के दिन सभी जिलों के जिला मुख्यालयों, खंड नगर एवं न्याय पंचायत केंद्रों पर एक साथ उद्घाटन के कार्यक्रम एक निश्चित समय पर होंगे। यह कार्यक्रम 2 घंटे तक चलेंगा।
20 से 30 नवंबर तक जिलों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएंगी| इसके पश्चात न्याय पंचायतो, ग्राम पंचायतों एवं बस्ती में यह यात्रा एक साथ निकलेगी। इस दौरान इस अभियान से कोई भी गांव-नगर एवं बस्ती अछूता न रहे इसका पूरा ध्यान कार्यकर्ताओं को रखना होगा। अभियान के दौरान स्टीकर, हैंड बिल तथा पत्रक घर-घर बांटे जाएंगे। तिरंगा यात्रा के बाद 15 दिनों तक सभी जिलों के जिला केंद्रों, नगरों सभी खंडों तथा गांव में भारत माता की भव्य झांकी निकाली जाएगी तथा सामूहिक आरती होगी।

16 दिसंबर को अब तक सेना की ओर से आयोजित होने वाले विजय दिवस को गांव-गांव में मनाया जाएगा। इसी दिन 1971 में पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण किया था। अभियान के अंतर्गत महानगरों में एक साथ सामूहिक वंदे मातरम गायन के कार्यक्रम होंगे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद स्व का जागरण नहीं हो सका। यह अभियान स्वराज्य, स्वदेशी, स्व धर्म, स्वावलंबन एवं स्व के प्रगटीकरण के लिए चलाया जाएगा। लोगों को सही इतिहास की जानकारी दी जाएगी तथा स्वतंत्रता के लिए संघ के योगदान के बारे में बताया जाएगा।
अमृत महोत्सव में इतिहास का मंथन कर उसमें से अमृत निकालें जिससे समाज में सद्भाव बढे और स्वतंत्रता की रक्षा हो सके। जन सभाओं में स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रता के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया उनके योगदान की चर्चा करें। गौ संरक्षण, देशभक्ति तथा संघ के योगदान की अवश्य चर्चा करें।

परिचयात्मक गोष्ठी में विषय प्रवर्तन,अतिथियों से परिचय कराते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह ब्रजेश सिंह ने अमृत महोत्सव समिति के मनोनीत मार्गदर्शक शिवधारीशरण राय,अजय शेखर,मिथिलेश द्विवेदी,पारसनाथ मिश्र, दीपक कुमार केसरवानी, डॉक्टर परमेश्वर दयाल पुष्कर,डॉo जितेंद्र सिंह संजय, डॉक्टर रचना तिवारी अमृत महोत्सव आयोजन समिति के कार्यक्रम मे समय-समय पर मार्गदर्शन करेंगे।

जिले की अमृत महोत्सव समिति के सदस्य
विजय शंकर चतुर्वेदी, राजकुमार चौबे,शीतला सिंह,जितेंद्र सिंह संजय सिंह, विमल जालान, रेनू,
डॉ अंजलि विक्रम सिंह, डॉ मंजू सिंह, उर्मिला देवी, मोहन केसरी,
संकटमोचन गुप्त,डॉ आनंद नारायण,अरुण प्रताप सिंह ,
धनंजय पाठक,अशोक चंद्रवंशी,
मथुरा,गणेश देव पांडे,गणेशअग्रवाल,पुनीत जैन,
राम बहादुर,शशांक,
ज्ञानेंद्र शरण राय अमृत महोत्सव के आयोजन में सहयोग प्रदान करेंगे
अमृत महोत्सव आयोजन समिति के प्रांतीय कार्यक्रम से प्रशिक्षित कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी
ओंकार नाथ द्विवेदी,
भोलानाथ मिश्र,
शशांक शेखर कात्यायन,
नीरज सिंह अधिवक्ता,
सौरभ चतुर्वेदी काशी प्रांत में आयोजित बैठक के उद्देश्यों पर अपना- अपना विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के विभाग,सामाजिक समरसता प्रमुख मथुरा प्रसाद ने प्रेरक गण गीत, बैठक मंत्र और कल्याण मंत्र हुआ।

अमृत महोत्सव की के संबंध में विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि-“स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में देश भर में मनाया जा रहा है और यह वर्ष इतिहास को पढ़ने, सुनने, सुनने, लिखने का शुभ अवसर होगा और हमारे जीवन में अब आजादी का 75 वर्ष नहीं आएगा। उन्होंने अमृत महोत्सव कार्यक्रम में अपनी सहभागिता के संदर्भ में कहा कि जनपद सोनभद्र 112 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिनका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, उनके परिजनों की खोज उनका सम्मान एवं आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में एक स्मारिका का प्रकाशन एवं जनपद सोनभद्र के पुरातात्विक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक स्थलों एवं स्वतंत्रता आंदोलन को प्रदर्शित करते हुए एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाना चाहिए इस पुनीत कार्य में विंध्य संस्कृति समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट आयोजन समिति का पूर्ण सहयोग करेंगी।

स्वतंत्र आंदोलन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि- मिर्जापुर जनपद का अहरौरा नगर ब्रिटिश काल में क्रांतिकारियों का गढ़ माना जाता था और यहां पर 13 अगस्त 1942 को क्रांतिकारी, देशभक्तों की गिरफ्तारी के परिणाम स्वरूप आंदोलन की अगुवाई करने वाले बद्री प्रसाद “आजाद” के गिरफ्तारी के विरोध में गोली कांड हुआ था ।
इस गोलीकांड में नागा प्रसाद विश्वकर्मा, शिवशंकर प्रसाद केसरवानी शहीद हो गए थे और चार अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके पश्चात इनके भाई बिंदा प्रसाद, गौरीशंकर,श्री राम को पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया और उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। नगर के सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया उन्हें प्रताड़ित किया गया और जेल भेजा गया।

रॉबर्ट्सगंज नगर के स्वतंत्रता आंदोलन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि-” नगर के क्रांतिकारी बलराम दास केसरवानी पंडित महादेव प्रसाद चौबे की गिरफ्तारी से क्षुब्ध होकर उनके रिहा होने पर 13 अप्रैल 1942 को मुख्य चौराहे पर उन्हें मानपत्र प्रदान करते हुए गिरफ्तारी दी और उन्हें 1 साल की नजरबंदी की सजा झेलनी पड़ी। अपने पूर्वजों की इस त्याग, तपस्या बलिदान को अमृत पहुंचो के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना होगा।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन एवं शहीद उद्यान ट्रस्ट के संयोजक विजय शंकर चतुर्वेदी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-“आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत देशभक्ति, सामाजिक समरसता, एकता, अखंडता से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन हमारे देश की स्वतंत्रता के इतिहास को बताएगा, मिर्जापुर के गांधी कहे जाने वाले पंडित महादेव प्रसाद चौबे उनके पुत्र पंडित प्रभा शंकर चौबे, पंडित देवेंद्र नाथ चौबे एवं नगर के क्रांतिकारी बलराम दास केसरवानी सहित अनेकों सेनानी आदिवासी स्वतंत्र सेनानियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही रही। सेनानियों के त्याग, तपस्या बलिदान को बनाए रखना होगा ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इनसे प्रेरणा ग्रहण कर सके और यह कार्य अमृत महोत्सव के द्वारा ही किया जा सकता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार पारसनाथ मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, कवयित्री डॉ. रचना तिवारी ने अपना-अपना विचार व्यक्त किया।

महाविद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार सिंह, प्राचार्या डॉ. अंजलि विक्रम सिंह, राजा शारदा महेश इण्टर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य, अर्थशास्त्री शिवधारी शरण राय, बाबू शीतला सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विमल जालान, डॉ आनन्द नारायण ,रामबहादुर सिंह, ज्ञानेंद्र शरण राय, गणेश अग्रवाल,सह जिला संघ चालक नंदलाल, सह जिला कार्यवाह पंकज पाण्डेय, नगर व खण्ड प्रचारक योगेश, विस्तारक आयुष, अधिवक्ता परिषद के नीरज सिंह एडवोकेट और शशांक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,विद्यार्थी परिषद हरिओम सहित आदि पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं संघ के सदस्यों,पदाधिकारियो का आभार जिला संघ चालक हर्ष अग्रवाल ने किया।

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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