• कथा वाचक बाल व्यास आराधना चतुर्वेदी ने सुनाई संगीतमय कथा
राम अनुज धर द्विवेदी
घोरावल, सोनभद्र। से सटे खैड़ार बड़रम में हो रहे श्रीरामचरितमानस मानस नवाह्न परायण महायज्ञ व संगीतमय श्रीराम कथा में कथा के विश्राम दिवस की संध्या कालीन बेला में हनुमान जी का लंका में प्रवेश, लंका दहन, समुद्र पर पुल निर्माण , रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना, श्रीराम व रावण युद्ध तथा राम जी का अयोध्या के राजसिंहासन पर अभिषेक इत्यादि की कथा सुनाई गई। कथावाचिका बाल व्यास आराधना शास्त्री जी ने बताया कि यदि जीव ईश्वर के प्रति अपने कदम बढ़ाता है तो ईश्वर उस जीव को अपना बालक समझ कर उसे गिरने नहीं देते अपितु किसी न किसी रूप में आगे बढ़ कर उसे संभालते है परन्तु हृदय में ईश्वर के प्रति प्रेम व अनुराग होना आवश्यक है। कथा में प्रासंगिक भजनों पर भक्तों ने बहुत आनंद लिया व राम जी के राजा बनने की खुशी में सभी श्रोताओं ने घी के दीपक जला कर दीपावली मनाई व प्रसन्नता में फूलों की होली खेली।

यज्ञाचार्य श्री कौस्तुभ मिश्र जी ने बताया कि आज कथा का विश्राम दिवस है व कल यज्ञ की पूर्णाहुति व भंडारा होगा जिसमें उन्होंने सभी ग्रामवासियों व क्षेत्र वासियों से हवन व भंडारे में सम्मिलित होने को कहा। समस्त आचार्यों न सबको आशीर्वचन दिए व सबके कल्याण की बात की।
