संस्कृति लाइव संवाददाता, डाला (सोनभद्र): नगर के श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के चौवन्वे स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर विगत वर्षो के भांति इस वर्ष भी रुद्राभिषेक नवहान पारायण यज्ञ एवम मानस प्रवचन का आयोजन किया गया ,जहा पांच दिवसीय मानस प्रवचन की कथा और सतसंग का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष काशी से पधारे दिगंबर अखाड़े के एक सौ आठ संत गिरनारी दास त्यागी जी महाराज के स्वरांजली से प्रारंभ हुआ। उन्होंने कथा के प्रथम दिवस मानव जाति के चारित्रिक गुणों के विकास के लिए भगवान श्री रामचंद्र जी के आचरण को अपने जीवन में ढालना चाहिए ऐसा कहते हुए आगे उन्होंने बताया की मनुष्य को चाहिए जो भी कर्म करे सब कुछ परमात्मा का समझ कर और निष्काम भाव मात्र अपने कर्तव्य का पालन करे। ऐसा करने से मानव का वास्तविक कल्याण हो जाता है, कदाचित ऐसे न कर पाने के स्थिति में सकाम कर्म भी करना पड़ता है। ऐसा न करने की स्तिथि में सकाम कर्म करने वालो को चाहिए सात्विक कर्मो का ही आचरण करे ताकी उनको आने वाले समय में कष्टों का सामना न करना पड़े। इस कार्यक्रम का संचालन पंडित राजेश मिश्र ने किया। इस आयोजन में श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर न्यास के महंत श्री मुरली तिवारी , अवधनाथ मिश्र ,अभिषेक सिंह ,अमित देव पांडेय , पंडित ओम प्रकाश तिवारी आदि लोग मैजूद रहे।
रुद्राभिषेक नवहान पारायण यज्ञ एवम मानस प्रवचन का आयोजन किया
