• महंत नरेंद्र गिरि के वसीयत में लिखा है बलवीर गिरी का नाम
• नरेंद्र गिरी के 15 साल पुराने शिष्य हैं बलवीर गिरी
प्रयागराज: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्रीमठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद बलवीर गिरी महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी होंगे। सुसाइड नोट में महंत ने बलवीर गिरी को ही विरासत सौंपी थी। वो तकरीबन 15 साल पुराने शिष्य हैं।
बलवीर गिरि इस समय निरंजनी अखाड़े के उप महंत हैं और हरिद्वार स्थित बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था का संचालन करते हैं। महंत नरेंद्र गिरि जब अपने शिष्य आनंद गिरि से नाराज हो गए थे तो उन्होंने जो 10 साल पूर्व वसीयत आनंद गिरि के नाम की थी उसको उन्होंने रद्द कर दिया था। आनंद गिरि के स्थान पर बलबीर गिरि के नाम पर वसीयत कर दी थी।

बलवीर गिरि उत्तराखंड के ही निवासी हैं और 2005 में वे संत बने थे। बलवीर गिरि साल 2019 से हरिद्वार के बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था देख रहे हैं, वे योग करते है।
