संस्कृति लाइव संवाददाता, डाला, सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर आदिवासियों और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के तत्वधान में 1857 के अमर शहीद गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकर शाह एवं उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह की 164 वी बलिदान दिवस के अवसर पर पंचायत भवन पनारी में कार्यक्रम का अयोजन किया गया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों ने वीर सपूतों के प्रतिमा पर हल्दी चावल और फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहस वीरता को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देवसिंह उईके ने कहा की-” ये दोनों वीर सपूत देश के लिए कुर्बान हो गए मगर माफी नहीं मांगी।

विशिष्ठ अतिथि के रूप में रहे गोगपा के प्रदेश महामंत्री रमाशंकर सिंह गोंड ने अपने वक्तव्य में कहा कि ” ऐसे महान वीर सपूतों से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए। भले ही इन दोनों का बलिदान इतिहास के पन्नों पर दर्ज़ न हो लेकिन आदिवासियों के जुबा पर अजर अमर हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कार्यकरणीअध्यक्ष अशर्फी सिंह परस्ते ने कहा कि-” जिस तरह राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह ने हक, अधिकार दिलाने और भारत को स्वतंत्र कराने के लिए अंग्रेजों द्वारा तोप में बंधकर अपने प्राणों की आहुति दे दी थी, यह त्याग और बलिदान हमारे लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे स्वतंत्रता सेनानी के प्रपौत्र ओमप्रकाश सिंह गोंड ने कहा कि-” ऐसे महान शहीदों के साहस वीरता को कभी नहीं भूलना चाहिए।

बलिदान दिवस कार्यक्रम में राजेंद्र टेकाम, अमर शाह खरवार, राजबली गोंड, हीरा लाल मरपची, कैलाश नाथ प्रजापति, रामसिंह गोंड, सहदेव सिंह आयाम, चंद्रिका प्रसाद गोंड, एडवोकेट संतोष भारती, शिक्षक संतोष कुमार मरकाम , ज्योति विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामवासी उपस्थित रहे।
