• अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है जिसे हटाने की मांग फिर से शुरू हो गई है।
• आने वाले यूपी चुनाव में ये मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है।
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में जिन्ना की तस्वीर को लेकर एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया है। अलीगढ़ के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने खून से चिट्ठी लिखकर ये मांग की है कि एएमयू से जिन्ना की तस्वीर हटाई जाए। ये चिट्ठी पीएम मोदी के नाम लिखी गई है और इस चिट्ठी को उन्होंने जिला प्रशासन को भी सौंपा है।
एएमयू से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग तेज
आपको बता दें कि AMU के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है, जिसको लेकर कई बार विवाद हो चुका है। अब जबकि 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अलीगढ़ जाने वाले हैं, ऐसे में एक बार फिर जिन्ना की तस्वीर पर विवाद शुरू हो गया है।
देश की यूनिवर्सिटी में जिन्ना का क्या काम?
एक बार फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जंग शुरू हो गई है। मुद्दा वही है आखिर देश की यूनिवर्सिटी में देश के टुकड़े करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना का क्या काम है? वही जिन्ना जिसने पाकिस्तान बनाकर हिंदुस्तान के दो टुकड़े करवाए। जिन्ना मजहब के नाम पर अपना मुल्क तो ले गए लेकिन अपनी मौजूदगी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में छोड़ गए। दरअसल यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है जिसे हटाने की मांग फिर से शुरू हो गई है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की ये मांग
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है और AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की है।बीजेपी कार्यकर्ता ने साफ कहा है कि अगर प्रशासन जिन्ना की तस्वीर AMU से नहीं हटाता है तो वो खुद ही ये काम कर देंगे।
जान लें कि इससे पहले भी जिन्ना की तस्वीर पर सियासी बवाल हो चुका है। अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने तस्वीर हटाने की मुहिम शुरू की थी लेकिन मुस्लिम तुष्टिकरण की सियासी रोटी पर टिकी पार्टियों ने झंडा बुलंद कर लिया।लेकिन अब खून की चिट्ठी बता रही है कि यूपी चुनाव से पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी फिर से सियासत का अड्डा बनने जा रही है। बीजेपी कार्यकर्ता शिवांग तिवारी ने खून से खत लिखकर पीएम मोदी से मांग की है कि जिन्ना की तस्वीर हटवाई जाए।
आपको बता दें कि 14 सितंबर को प्रधानमंत्री अलीगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से ठीक पहले AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने का मुद्दा फिर से गरमाया है। ऐसे में देखना होगा कि क्या इस बार देश की एकता को तोड़ने वाले खलनायक को फिर से कुछ तथाकथित सेक्युलर पार्टी नायक बना पाएंगी या सरकार AMU से जिन्ना की तस्वीर हटाने का फैसला ले लेगी।
