लखनऊ,उत्तर प्रदेश। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती में सामान्य वर्ग के गरीबों को लेकर यूपी हाईकोर्ट ने बाल विकास व पुष्टाहार विभाग ने नोटिस भेज दिया है। हाईकोर्ट ने सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी पद आरक्षित न किए जाने पर बाल विकास व पुष्टाहार विभाग को नोटिस भेजते हुए 15 दिन के अंदर जवाबी हलफनामा भी मांगा है।

गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा एवं पुष्टहार विभाग द्वारा प्रदेश के कई जिलों में आंगनवाडी कार्यकत्री और सहायिका के 50 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती (UP Anganwadi bharti 2021) निकाली गई थी। लेकिन उसमें ईडब्लूएस श्रेणी के लिए पद आरक्षित नहीं किए गए हैं।
आरक्षण का मामला जोर पकड़ रहा
दरअसल बीते दिनों समाचार पत्रों में खबरों के प्रकाशित होने के बाद अब जिलों के अधिकारियों ने निदेशालय में पत्र भेज कर सलाह मांगी है। अधिकारियों ने लिखा है की EWS को आरक्षण न देने का मामला जोर पकड़ रहा है। लिहाजा लिखित रूप से विभाग स्पष्ट करें कि आरक्षण के मामले में आखिर क्या किया जाना चाहिए।

नया आदेश जारी करने की मांग
बता दें कि इस बीच कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए और इस विज्ञापन को रद्द करते हुए नया शासनादेश जारी करने की मांग कर दी। वहीं इसकी चयन समिति को भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार ही गठित करने की मांग की है। भर्ती विज्ञापन के मुताबिक आरक्षण सिर्फ एससी/एसटी/ओबीसी को दिया गया है। जबकि 103वे संविधान संशोधन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना अनिवार्य है।
